जालंधर वैस्ट के लोगों की पहली पसंद बने तेज़ तरार नेता अश्वनी जंगराल

चन्नी के साथ भी कंधे से कंधा मिला कर किया काम

जालंधर वैस्ट के लोगों की पहली पसंद बने तेज़ तरार नेता अश्वनी जंगराल

पंजाब की जालंधर वैस्ट की सीट के उपचुनाव घोषित होने के बाद ही एक दम से चुनावी मैदान फिर से गर्माना शुरू हो गया है। हालांकि लोकसभा चुनाव समाप्त हुए मात्र कुछ ही दिन हुए है जिसकी थकान भी शायद अभी नेताओं की उतरी नही है लेकिन इस बीच ही चुनाव आयोग ने जालंधर के वैस्ट हल्के के उपचुनाव की तारीख घोषित कर दी है। जिस से जालंधर की राज़निति में एक दम से फिर से हलचल तेज़ हो गई है।

 

जालंधर वैस्ट की अगर बात करी जाए तो वहां से पहले शीतल अंगुराल को आम आदमी पार्टी ने विधायक पद् से नवाज़ा था, लेकिन लोकसभा चुनाव में वो आम आदमी पार्टी को छोड़ भाज़पा के दामन में ज़ा बैठे थे, और विधायक पद़् से इस्तीफा दे दिया था। जिसके चलते अब उपचुनाव होने ज़ा रहे है।

 

लेकिन लोकसभा चुनाव में अगर वैस्ट हल्के के लोगों को देखा  जाए तो इस हल्के के तेज़ तरार कांग्रेसी नेता अश्वनी जंगराल लोगों की पहली पसंद बन गए है। अश्वनी जंगराल जोकि वैस्ट हल्के में लोकसभा चुनाव के दौरान चरनजीत चन्नी की भी पहली पसंद बने नज़र आ रहे थे, इतना ही नहीं चन्नी के साथ कंधे से कंधा मिला कर वैस्ट हल्के में काम भी किया और कांग्रेस को वैस्ट हल्के से कांग्रेस को बहुमत भी दिलाया।

 

लोकसभा चुनाव में वैस्ट हल्के से किसको मिले थे कितने वोट

 

कांग्रेस : 44394

आप :  15629

भाज़पा : 42837

 

युवा वर्ग में भी अच्छी पैठ रखते है जंगराल ब्रर्दस

 

अश्वनी जंगराल की अगर बात की जाए तो अश्वनी खुद और उनके भाई रमन जंगराल युवा वर्ग में भी एक अपनी अच्छी पैठ बनाए हुए है। जिसके चलते ही वैस्ट में युवा वर्ग हर समय जंगराल भाईयों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चन्नी के लिए काम करते हुए नज़र आ रहे थे।

 

सुशील रिंकू के कांग्रेस छोड़ने के बाद कांग्रेस के पास नहीं है जंगराल के बिना कोई विकल्प !

 

वैस्ट हल्के में अगर कांग्रेस की बात की जाए तो सुशील रिंकू जब कांग्रेस छोड़ आम आदमी पार्टी में गए थे तो उसके बाद से ही कांग्रेस के लिए वैस्ट हल्का करीब करीब खाली ही रहा है क्योंकि और कोई भी नुमांइदा कांग्रेस पार्टी का वहां से मजबूत दावेदार नहीं था, लेकिन लोकसभा चुनाव में अश्वनी जंगराल की वापसी के बाद मानों वैस्ट में कांग्रेस पार्टी में दोबारा से ज़ान सी आ गई है जिसके चलते कांग्रेस के सामने भी अश्वनी जंगराल के बिना कोई विकल्प वैस्ट हल्के से दिखाई नहीं दे रहा है।